हनुमान जी की पूजा: नियम, समय, सामग्री और विधि (मंत्र सहित)
हनुमान जी की पूजा हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी पूजा से जीवन के सारे संकट दूर होते हैं और भक्तों को शक्ति, साहस व संतोष की प्राप्ति होती है। इस ब्लॉग में हम हनुमान जी की पूजा के नियम, पूजा का सही समय, पूजा सामग्री, पूजा विधि (मंत्र सहित), हनुमान जी के लाभ, और महिलाओं के लिए पूजा के नियम पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
1. हनुमान जी की पूजा के नियम
हनुमान जी की पूजा करते समय कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक होता है ताकि पूजा सफल और फलदायी हो:
- शुद्ध मन और शरीर से पूजा करें।
- पूजा के समय व्रत, संयम और ब्रह्मचर्य का पालन आवश्यक है।
- मांसाहार, मदिरा और अन्य अशुद्ध चीजों से परहेज करें।
- पूजा स्थान स्वच्छ और शांत होना चाहिए।
- पूजा के दौरान भक्ति भाव बनाए रखें और किसी प्रकार की तकरार या विवाद से बचें।
2. हनुमान जी की पूजा सुबह कितने बजे करनी चाहिए?
हनुमान जी की पूजा का उत्तम समय है प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त (सुबह लगभग 4:00 से 6:00 बजे के बीच)। इस समय वातावरण पवित्र और शांत होता है, जिससे पूजा का प्रभाव और भी बढ़ जाता है।
यदि सुबह पूजा करना संभव न हो तो दिन में मंगलवार या शनिवार को भी पूजा करने का विशेष महत्व है। विशेषकर शनिवार को हनुमान जी की पूजा से शनि दोष का नाश होता है।
. घर में हनुमान जी की पूजा कैसे करें?
- स्थान नियोजन– पूर्व/उत्तर दिशा में, स्वच्छ और शांत
- मूर्ति/चित्र– लाल आसन पर स्थापित
- पूजा सामग्री– ऊपर दी गई सूची अनुसार
3. हनुमान जी की पूजा सामग्री
हनुमान जी की पूजा में निम्नलिखित सामग्री का उपयोग होता है:
- लाल कपड़ा या लंगोट
- सिंदूर (हनुमान जी को अर्पित करने के लिए)
- चमेली का तेल या तिल का तेल
- जल (गंगाजल हो तो उत्तम)
- पुष्प (लाल रंग के फूल जैसे गुलाब)
- अक्षत (चावल)
- दीपक (घी या तेल का)
- धूप (कपूर)
- फल, लड्डू (बूंदी या मोतीचूर)
- पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगा जल का मिश्रण)
- मूर्ति या चित्र (हनुमान जी का)
4. हनुमान जी के किस रूप की पूजा सबसे फलदायी है?
हनुमान जी के कई रूप हैं, लेकिन षोडशोपचार पूजा (16 अंगों वाली पूजा) और पंचमुखी हनुमान की पूजा को सबसे अधिक फलदायी माना गया है।
- षोडशोपचार पूजा में हनुमान जी के प्रति 16 प्रकार के आदर व सम्मान प्रकट किए जाते हैं, जो पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।
- पंचमुखी हनुमान के पाँच मुख एवं दस भुजाएँ होते हैं, जो संकटों का नाश करने वाली शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हनुमान जी की पूजा विधि (मंत्र सहित)
हनुमान जी की पूजा विधि में निम्न चरण होते हैं:
पूजा की प्रमुख विधि:
- शुद्धिकरण: जल और धूप से पूजा स्थल और स्वयं का शुद्धिकरण करें।
- संकल्प: हनुमान जी की पूजा करने का संकल्प लें।
- आवाहन: मंत्र जाप के साथ हनुमान जी का आवाहन करें।
“ॐ हनुमते नमः।” या “ऊँ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें। - अर्पण: सिंदूर, जल, पुष्प, अक्षत, पंचामृत आदि अर्पित करें।
- पाठ: हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें।
- आरती: दीप जलाकर आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
प्रमुख मंत्र:
- संकल्प मंत्र:
“ॐ तत्सत आद्य श्री हनुमते नमः।” - आवाहन मंत्र:
“ऊँ हनुमते नमः।” - अभिषेक मंत्र:
“ॐ श्री हनुमते नमः।” - हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के पाठ से पूजा पूर्ण होती है।
- 1. हनुमान जी की पूजा विधि (पूजा कैसे करें)
प्रारंभ में– नित्य, विशेषकर सोमवार या शनिवार (या मंगलवार), ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर शुद्ध होकर लाल वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके निर्धारित करें।
संकल्प– गंगाजल, अक्षत, पुष्प लेकर “ॐ तत्सत आद्य … सरला कामना सिद्धार्थम् श्री हनुमतपूजं करिष्ये” मंत्र से संकल्प लें।
शुद्धिकरण– गंगाजल से जगह, सामग्री और स्वयं को शुद्ध करें।
आवाहन और ध्यान
आवाहन मंत्र:
“ऊँ हनुमते नमः आवाहनार्थे पुष्पाणि समर्पयामि।”
ध्यान मंत्र:
“कर्णिकार सुवर्णाभं वर्णनीयम गुणोत्तमम्…”
अर्पण सामग्री– सिंदूर या चमेली के तेल से तिलक, पुष्प, अक्षत, जल, पंचामृत, धूप-दीप, लड्डू, फल एवं प्रसाद अर्पण करें।
भोग और पाठ– हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। अंत में आरती करें, क्षमा प्रार्थना करें और प्रसाद बांटें।
विशेष दिन (मंगलवार/शनिवार) विशेष विधि: सिंदूर और चमेली तेल, पंचमुखी दीपक, बूंदी के लड्डू, सुंदरकांड/चालीसा पाठ।
6. हनुमान जी की पूजा के लाभ
हनुमान जी की पूजा से अनेक लाभ होते हैं:
- सभी प्रकार के भय और संकटों से मुक्ति।
- शनि दोष और ग्रहों की बाधाओं का निवारण।
- शरीर में बल, ऊर्जा और साहस की वृद्धि।
- व्यापार, शिक्षा और नौकरी में सफलता।
- शत्रुओं पर विजय और आत्मसम्मान में वृद्धि।
- परिवार में सुख-शांति और समृद्धि।
9. हनुमान पूजा विधि PDF एवं मंत्र डाउनलोड
यदि आप हनुमान जी की पूजा विधि, मंत्र सहित पूरी प्रक्रिया PDF फॉर्मेट में डाउनलोड करना चाहते हैं तो ऑनलाइन कई विश्वसनीय वेबसाइटों पर यह उपलब्ध है। यह PDF गाइड आपको पूजा के हर चरण को सरलता से समझने में मदद करेगी।
निष्कर्ष
हनुमान जी की पूजा न केवल धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि यह जीवन में शक्ति, साहस और समृद्धि का द्वार खोलती है। पूजा के सही नियमों का पालन, उचित समय का चयन, सामग्री की शुद्धता और मंत्रों का जाप पूजा को फलदायी बनाते हैं।